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सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ (Schizophrenia) à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° मानसिक बीमारी है जिससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल तो है लेकिन नामà¥à¤®à¤•िन नहीं. कई बार इस बीमारी से पीड़ित इंसान इस कदर निराश हो जाता है कि उसे आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ के अलावा कोई दूसरा रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं दिखाई देता है. यह बीमारी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचपन में या फिर किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ में होती है जो कि 16 साल से 30 साल के बीच में है. सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ को लेकर कई à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां à¤à¥€ हैं लेकिन दरअसल ये à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां बेफजूल हैं और उनका वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता से कोई लेना देना नहीं है.
इस बीमारी से पीड़ित इंसान वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• और कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को समà¤à¤¨à¥‡ की शकà¥à¤¤à¤¿ खो बैठता है और उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नहीं होती है. दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के रोगी लगà¤à¤— à¤à¤• फीसदी हैं. वहीं à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से जूठरहे मरीजों की संखà¥à¤¯à¤¾ लगà¤à¤— 40 लाख है. इस बीमारी का इलाज नहीं करवाने वाले 90 फीसदी लोग à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे विकासशील देशों में देखे जा सकते हैं जिनमें गरीबी और जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने से बचने की आदत रहती है.
बीमारी का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ
मानसिक बीमारियों में सबसे खतरनाक माना जाने वाला सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ कई बार जानलेवा साबित हो सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई मरीजों में यह आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ करने की मानसिकता को बढ़ावा देता है. इस बीमारी में मरीज को हमेशा किसी के होने का अंदेशा रहता है या फिर उसे à¤à¤¸à¥€ आवाज सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पड़ती है जिसका वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता से लेना देना नहीं होता है. कई मरीजों में ये लकà¥à¤·à¤£ साफ देखे जा सकते हैं लेकिन कई रोगियों में à¤à¤¸à¤¾ दिखाई नहीं पड़ता है. मनोचिकितà¥à¤¸à¤• मानते हैं कि अलग अलग मरीज में अलग तरह के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई पड़ते हैं. इससे गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ मरीज अपनी देखà¤à¤¾à¤² नहीं कर पाते हैं इसलिठउनकी दूसरों पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है. वहीं कà¥à¤› मरीज अपने को बीमार नहीं मानकर इसके इलाज का विरोध à¤à¥€ करते हैं.
बीमारी की वजह
इस बीमारी की कई वजह बताई गई हैं जिनमें अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण, परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£, दिमाग में नà¥à¤¯à¥‚रो कैमिकल का असंतà¥à¤²à¤¨, तनाव पूरà¥à¤£ अनà¥à¤à¤µ, खराब पारिवारिक रिशà¥à¤¤à¥‡ और दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ जैसी कई चीजें शामिल हैं. रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जिन परिवारों में सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी बीमारी माता-पिता या फिर दूसरी पीढ़ी में नहीं पाई गई है, वहां इस बीमारी के होने की गà¥à¤‚जाइश à¤à¤• फीसदी से कम है. वहीं इससे गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ परिवारों में इस बीमारी के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 10 फीसदी से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है.
वहीं दिमाग में पाठजाने वाले कैमिकल जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटर à¤à¥€ कहा जाता है अगर उसमें असंतà¥à¤²à¤¨ हà¥à¤† तो सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी बीमारी किसी इंसान को अपने चपेट में आसानी से ले सकती है. बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में मौजूद इन कैमिकलà¥à¤¸ का नाम डोपामाइन और सिरोटोनिन है जिनके असंतà¥à¤²à¤¨ से सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी बीमारी होती है. मैरिजà¥à¤†à¤¨à¤¾ और à¤à¤²à¤à¤¸à¤¡à¥€ जैसे डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ à¤à¥€ इस गंà¤à¥€à¤° बीमारी का कारक माने जाते हैं.
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£
1. मरीजों में à¤à¥à¤°à¤® का होना जैसे कोई उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तंग कर रहा है या फिर खà¥à¤¦ को ताकतवर समठबैठने का à¤à¥à¤°à¤® पाल लेना. इतना ही नहीं कà¥à¤› रोगी अपने में दैविक शकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के होने तक का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ करने लगते हैं.
2. मरीजों को कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ आवाजें सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ देती हैं जिनका वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• तौर पर सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ पड़ना संà¤à¤µ नहीं है. इसी तरह कई तरह के कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और सà¥à¤—ंध à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ महसूस होते हैं जिसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° हैलूसिनेशन की संजà¥à¤žà¤¾ देते हैं.
3. वारà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤¾à¤ª में à¤à¤•रूपता की कमी और à¤à¤¸à¥‡ मरीज à¤à¤• बिनà¥à¤¦à¥ से दूसरे बिनà¥à¤¦à¥ पर चरà¥à¤šà¤¾ करते हà¥à¤ चले जाते हैं जिनमें तारतमà¥à¤¯ का अà¤à¤¾à¤µ होता है. अनà¥à¤¯ लोग हैरत में पड़ जाते हैं कि कि ये अचानक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ से à¤à¤Ÿà¤• कर अनà¥à¤¯ चीजों पर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ छलांग लगा रहे हैं.
4. à¤à¤¸à¥‡ लोगों में काम करने को लेकर मोटिवेशन का अà¤à¤¾à¤µ होता है और वो जरूरी कामों को à¤à¥€ करने से बचते नजर आते हैं. इतना ही नहीं सà¥à¤– या दà¥à¤– की घड़ी में उनका उदगार पà¥à¤°à¤—ट नहीं हो पाता है और वो या तो उदासीन या फिर तटसà¥à¤¥ नजर आते हैं जो à¤à¤• तरह से परसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के उलट होता है.
5. मरीजों में समाज से दूरी बनाकर रहने की आदत दिखाई पड़ती है और उसे लगता है कि कोई à¤à¥€ उसको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है. वो इस कदर अपने दिमाग में पल रहे à¤à¥à¤°à¤® को सच मान लेते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• चीजें असली लगने लगती हैं और वो दवा इसलिठà¤à¥€ नहीं खाना चाहते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शक होता है कि कहीं दवा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मारने के लिठतो नहीं खिलाई जा रही है.
6. à¤à¤¸à¥‡ लोगों में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, किसी चीज को याद करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ या फिर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठकोई योजना बनाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ काफी कम हो जाती है.
सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार (Types of Schizophrenia)
1. सकारातà¥à¤®à¤• लकà¥à¤·à¤£ (Positive Symptoms)
कालà¥à¤ªà¤¨à¤¿à¤• चीजों के होने का à¤à¥à¤°à¤® या डर (psychotic symptoms) à¤à¥€ कहा जाता है
2. नकारातà¥à¤®à¤• लकà¥à¤·à¤£ (Negative Symptoms)
मरीज बेहद ही हताशा और निराशा में जीने लगता है. इस तरह के मरीज की संखà¥à¤¯à¤¾ कà¥à¤² सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤• पेशेंट में 25 फीसदी होती है जिनमें आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ करने की पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती हैं.
3. à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• लकà¥à¤·à¤£ (Emotional symptoms)
इसे नकारातà¥à¤®à¤• की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखा जाता है जहां दà¥à¤– या सà¥à¤– की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में चेहरे का उदगार पà¥à¤°à¤—ट नहीं होता है. इसके अलावा सोचने समà¤à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ का हà¥à¤°à¤¾à¤¸ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने की बेहद कमी होती है.
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ इस बीमारी को लाइलाज नहीं मानते हैं और इसका इलाज काउंसलिंग और साइकोथिरैपी से किया जा सकता है. सिजोफà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ के बाद संà¤à¤µ है वहीं इसके लिठकई तरह की à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियां à¤à¤• à¤à¥à¤°à¤¾à¤®à¤• पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° है. इस बीमारी को Split personality, Multiple Personality कहना गलत है और इससे पीड़ित लोग हिंसक होते हैं à¤à¤¸à¤¾ कहना महज à¤à¤• दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° है.
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